
दुनिया भर में रुपए के मुकाबले कीमती धातुओं की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, और खासकर चांदी (silver) पिछले कुछ समय में काफी चर्चा में है। ऐसी सुर्खियाँ भी सामने आ रही हैं जिसमें कहा जा रहा है कि चाँदी की कीमत भारत में ₹6,00,000 प्रति किलो तक जा सकती है। यह अनुमान प्रसिद्ध लेखक और निवेश सलाहकार Robert Kiyosaki, जो Rich Dad Poor Dad के लेखक हैं, की भविष्यवाणियों और उनके निवेश विचारों से जुड़ा हुआ है। ET Now Swadesh
लेकिन सवाल यह है: क्या यह सच में संभव है? क्या अब चांदी में निवेश करने के लिए बहुत देर हो चुकी है? इस लेख में हम यही आसान भाषा में समझेंगे।
Robert Kiyosaki कौन हैं और उनकी सलाह क्यों सुनी जाती है?
Robert Kiyosaki ने अपनी बेस्ट-सेलर किताब Rich Dad Poor Dad में पारंपरिक निवेश से हटकर वास्तविक संपत्ति जैसे सोना और चांदी को “सुरक्षित निवेश” कहा है। वे अक्सर मुद्रास्फीति, डॉलर की गिरती वैल्यू, और अर्थव्यवस्था की अस्थिरता के दौरान कीमती धातुओं को एक मजबूत विकल्प बताते हैं। Wikipedia
हाल ही में उन्होंने ट्वीट और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि चांदी की कीमत में और वृद्धि संभव है, और यह अभी भी एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। The Economic Times

क्या चाँदी ₹6,00,000 प्रति किलो तक पहुँच सकती है?
कुछ अनुमान और प्रचार में यह दावा किया जा रहा है कि चांदी अगले कुछ वर्षों में ₹6 लाख प्रति किलो तक जा सकती है — खासकर अगर यह डॉलर भाव में $200 प्रति औंस तक पहुँच जाए। ET Now Swadesh
✔️ अगर चांदी $200/oz तक जाती है,
➡️ भारत में ये कीमत करीब ₹6,00,000/किलो के आसपास हो सकती है। ET Now Swadesh
लेकिन यह एक बहुत ही बुलिश (उच्च) अनुमान है और बाजार की वास्तविकता हमेशा इससे बदल सकती है।

मौजूदा बाजार क्या कहता है?
🌟 चांदी ने 2025 में तेज़ उछाल देखा है — कई जगह यह कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुँच गई हैं। उदाहरण के लिए:
- हाल ही में चांदी ₹2.32 लाख प्रति किलो तक पहुँच चुकी है। The Economic Times
- कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि चांदी के रेट में भारी तेजी है, और यह ऐतिहासिक उच्च स्तर पर बनी हुई है। Navbharat Times
इसका मतलब है कि चांदी पहले से ही उछल चुकी है — लेकिन ₹6,00,000/किलो तक का अनुमान अभी भी काफी दूर की बात हो सकती है।
कियोसाकी का क्या कहना है — क्या अभी निवेश करने का सही समय है?


Robert Kiyosaki ने हाल ही में कहा है कि अब भी निवेश करने में देर नहीं है, खासकर यदि आप धीरे-धीरे और सोच-समझकर चाँदी खरीदते हैं। The Economic Times
उनका मुख्य तर्क ये है:
✔️ चांदी अभी भी सस्ती है (अमूमन लोगों के लिए किफायती)
✔️ मुद्रास्फीति और आर्थिक अस्थिरता में कीमती धातुएँ सुरक्षित रहती हैं
✔️ सोना-चांदी के पास औद्योगिक मांग भी बढ़ रही है
✔️ चांदी की सप्लाई सीमित है, इंस्ट्रियल डिमांड बढ़ रही है — खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी में The Economic Times
इन कारणों से वे इसे “अभी भी एक अच्छा मौका” बताते हैं — खासकर अगर निवेशक दीर्घकालिक सोच रखते हैं।
मगर सावधानियाँ भी ज़रूरी हैं
हालाँकि कई विशेषज्ञ चांदी के भविष्य के बारे में उत्साह दिखाते हैं, पर निवेश से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना आवश्यक है:
🔹 किसी भी निवेश में जोखिम होता है — चांदी के भाव ऊपर-नीचे होते रहते हैं
🔹 ₹6,00,000/किलो तक पहुंचने का अनुमान अत्यंत उन्ठा-भाव वाला लक्ष्य है
🔹 वित्तीय सलाह लेना और खुद रिसर्च करना ज़्यादा सुरक्षित रहता है
👉 मतलब ये नहीं कि चांदी खराब निवेश है — लेकिन जोखिम को समझकर निर्णय लेना ज़रूरी है।


अगर आप सोच रहे हैं “क्या बहुत देर हो चुकी?”
✔️ Kiyosaki कहते हैं कि अब भी देर नहीं हुई। The Economic Times
✔️ चांदी का रेट पहले से बहुत ऊपर है, लेकिन अभी भी औद्योगिक और निवेश मांग मजबूत है।
✔️ अगर आप छोटी रकम से शुरू करते हैं और लंबी सोच रखते हैं, तो यह एक विकल्प हो सकता है।
लेकिन यह ध्यान रहे कि कोई भी भविष्यवाणी 100% सही नहीं होती।
निवेश सलाह — आसान शब्दों में
अगर आप चांदी में निवेश पर विचार कर रहे हैं:
📌 छोटी राशि से शुरुआत करें
📌 लंबी अवधि के लिए सोचें
📌 सोना-चांदी के अलावा भी डाइवर्सिफाई करें
📌 बाज़ार की खबरें नियमित पढ़ें और समझें
यह कोई “चमत्कारिक रिटर्न गारंटी” नहीं है — लेकिन अगर आप जोखिम समझकर कदम उठाते हैं, तो यह कुछ निवेशकों के लिए फायदेमंद विकल्प हो सकता है।